पीरियड खुल के ना आने के लक्षण, कारण और उसके घरेलू उपाय | Symptoms, Causes and Home Remedies of Lighter Periods in Hindi

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महिलाओं में मासिक धर्म यानी पीरियड्स आना एक सामान्य प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया दर्शाती है कि उनका शरीर अब प्रजनन के लिए तैयार है। मासिक धर्म अथवा पीरियड्स 10 से 16 साल की उम्र के बीच में शुरू हो जाता है शुरुआत में रक्तस्राव यानी ब्लीडिंग 4 से लेकर 7 दिन तक रहती है जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे रक्तस्राव के दिन कम होते जाते हैं, सामान्यतः 20 से 25 साल की उम्र तक ब्लीडिंग 2 या 3 दिन ही होती है।

ज्यादातर सभी महिलाओं में पीरियड संबंधी कुछ ना कुछ असंतुलन अथवा समस्या रहती ही है। हार्मोंस के असंतुलन की वजह से, दिनचर्या के असंतुलन की वजह से, प्रेगनेंसी आदि कई कारणों से पीरियड संबंधित समस्याएं शुरू हो जाती है, जैसी अनियमित मासिक चक्र, ज्यादा रक्त स्राव यानी ओवर ब्लीडिंग (Over Bleeding), कम रक्तस्राव यानी लाइटर ब्लीडिंग (Lighter Bleeding)।

 

आज हम बात कर रहे हैं पीरियड्स में कम ब्लीडिंग होने के बारे में तो आइए जानते हैं पीरियड में कम ब्लीडिंग होने के लक्षण, कारण और उसके घरेलु उपाय :-

 

Table of Contents

मासिक धर्म यानी पीरियड्स के खुल के ना आने के लक्षणSymptoms of Low Bleeding in Menstrual Periods

किसी भी परेशानी को समय पर जानना बहुत जरूरी है, इसे जानने के लिए नीचे दिए गए लक्षणों से समझा जा सकता है :-
  • दिन भर में 2 से कम सेनेटरी पैड की जरूरत पड़ना। 
  • 2 दिन से कम ब्लीडिंग होना। 
  • खून का कम आना व ब्लड क्लोट ज्यादा बनना। 
  • अगले महीने में भी ब्लीडिंग का कम होना। 
 
 
 

मासिक धर्म का खुल के न आने के कारण | Causes of Low Bleeding During Periods

मासिक धर्म यानी महावारी में कम रक्तसव होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य कारण निम्न है :-
 

तनाव युक्त जीवन शैली | Stress Lifestyle :-

महिलाओं के जीवन में काफी तरह का तनाव होता है और उस तनाव की वजह से हमारा मस्तिष्क शरीर में हार्मोंस प्रभावित करता हैं। हार्मोंस के असंतुलित होने की वजह से पीरियड्स में रक्तस्राव कम हो सकता है।
 

उम्र के कारण | Cause of Age :-

मासिक धर्म में ब्लीडिंग का कम या ज्यादा होना उम्र पर भी निर्भर होता है। जब कोई लड़की किशोरावस्था में आती है तो पीरियड आना शुरू होता है, उस समय ब्लीडिंग बहुत कम या बहुत ज्यादा होती है, और जब मोनोपॉज होता है तब भी पीरियड्स खुल के नहीं आते हैं और इन दोनों ही अवस्था में हार्मोंस असंतुलित होते हैं, उसी वजह से पीरियड्स में रक्तस्राव कम हो जाता है।
 
 

बढ़ा हुआ वजन व असंतुलित आहार | Increased Weight and Unbalanced Diet :-

महिलाओं के शरीर का वजन उनके पीरियड्स को प्रभावित करता है, अधिक वजन व फैट की वजह से पीरियड्स असंतुलित हो जाते हैं। 
 
 

गर्भावस्था के दौरान कम रक्त स्राव होना | Light Bleeding During Pregnancy :-

गर्भावस्था यानी प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड्स नहीं आते हैं, लेकिन गर्भावस्था के शुरुआत के दौरान खून के थक्के का आना, ब्लड क्लॉट्स का आना महसूस कर सकते हैं और यह एक या 2 दिन तक रहता है, लेकिन इसे पीरियड समझने की भूल ना करें। यह अंडे के गर्भाशय से जुड़ने के परिणाम से उत्पन्न होता है।

 

गर्भनिरोध के कारण | Reasons of Contraception and Birth Control :-

आज के समय में बाजार में गर्भनिरोध के बहुत सारे विकल्प उपलब्ध है फिर भी ज्यादातर लोग बर्थ कंट्रोल पिल्स का उपयोग करते हैं यह पिल्स गर्भ को ठहरने नहीं देती है, परंतु इन पिल्स की वजह से शरीर के हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं और उससे पीरियड्स का कम आना या रक्तस्राव कम होना आदि अनियमितता शुरू हो जाती है। महिलाओं के शरीर में ओवुलेशन की प्रक्रिया के दौरान जब अंडा नहीं बन पाता है तो गर्भाशय की परत मोटी बन जाती है और इसके परिणाम स्वरूप मासिक धर्म खुलकर नहीं आता है।
 

ब्रेस्टफीडिंग या स्तनपान | Breastfeeding :-

स्तनपान के दौरान दूध बनाने वाले हार्मोंस ओव्यूलेशन को आगे बढ़ा देते हैं और जब ओवुलेशन लेट होता है तब भी पीरियड्स देरी से आते हैं, उस समय रक्तस्राव कम होता है।
 

इन सब कारणों के अलावा कोई गंभीर बीमारी, शारीरिक कमजोरी व जरूरत से ज्यादा फिजिकली एक्सरसाइज या काम करना.. जैसे कई कारणों की वजह से पीरियड्स में रक्तस्राव कम हो सकता है।

 

 

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Home Remedies in Low Bleeding During Periods in Hindi

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग होने पर आजमाएं यह घरेलू उपाय | Home remedies Hindi

Try These Home Remedies in Low Bleeding During Periods

हल्दी का उपयोग | Use of Turmeric :-

पीरियड्स के दौरान अगर आपको कम ब्लीडिंग होती है तो पीरियड्स की निर्धारित तिथि से 5 या 6 दिन पहले गर्म पानी अथवा दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर सुबह-शाम पीना शुरू करें। हल्दी से रक्तस्राव की समस्या दूर होती है।
 

हींग का उपयोग | Use Asafetida :-

हींग के उपयोग से हमारे शरीर में प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है, यह हार्मोनस महावारी के दौरान ब्लीडिंग की समस्याओं को दूर करता है। इसलिए अपने खाने में हींग का जरूर सेवन करें।
 

गाजर, पालक व चुकंदर का सेवन | Carrot, Spinach and Beetroot :-

गाजर एक सीजनल फ्रूट् है, इसमें कैरोटीन पाया जाता है जो हमारे शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाता है, तथा साथ ही शरीर में खून की कमी को भी दूर करता है। इसके सेवन से मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव खुलकर तथा पीरियड समय पर आते हैं। दिन में दो या तीन गाजर जरूर अपने भोजन में शामिल करें। यह हमारे हार्मोन संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में काफी कारगर है। गाजर के साथ पालक में चुकंदर बहुत गुणकारी होता है। इनका सेवन जूस के रूप में सबसे ज्यादा करना चाहिए।
 
 

गुड़ और तिल का सेवन | Consumption of Jaggery and Sesame Seeds :-

गुड और तिल की तासीर गर्म होती है तिल में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो रक्तस्राव को नियमित करने में काफी मदद करते हैं। इसके लिए तिल के बीजों को पीसकर गुड़ के साथ मिलाकर रखें और पीरियड शुरू होने से 10 से 15 दिन पहले से प्रतिदिन इसका एक चम्मच सेवन करें।
 
 

अदरक का सेवन | Ginger Intake :-

मासिक धर्म के दौरान होने वाला दर्द व कम ब्लीडिंग से राहत पाने के लिए अदरक का सेवन फायदेमंद है, इसके लिए एक चम्मच अदरक के रस में गुड़ मिलाकर इसका सेवन करें अथवा अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर पानी में उबालकर उस पानी में हल्दी और गुड़ मिलाकर पीये। यह रक्त स्राव की अनियमितता को दूर करता है और इससे ब्लीडिंग खुलकर आती है।
 

दालचीनी का सेवन | Intake of Cinnamon :-

मासिक धर्म के दौरान ब्लीडिंग अगर ठीक तरीके से ना हो रही हो, तो दालचीनी का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। 3-4 ग्राम दालचीनी के पाउडर को गर्म पानी के साथ दिन में 2 बार ले, इससे ब्लडिंग खुलकर आएगी और पीरियड्स के दर्द में राहत मिलेगा।
 

मेथी का सेवन | Intake of Fenugreek :-

मेथी में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। मेथी के पाउडर को सुबह खाली पेट एक चम्मच गर्म पानी के साथ लेने से मासिक धर्म के दौरान होने वाले कम रक्तस्राव को ठीक करता है। मेथी का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए हर तरह से लाभदायक है।
 
 
 
 

मासिक धर्म में कम ब्लीडिंग होने पर जीवनशैली और खानपानLifestyle and Diet for Lighter Bleeding in Periods

सामान्यतः हमारे जीवन में स्वास्थ्य संबंधित समस्या होने का मुख्य कारण हमारा खान-पान व जीवनशैली है समय रहते हुए इनमें सुधार करके हम भविष्य में होने वाली समस्याओं से बच सकते हैं। अपनी दिनचर्या में उचित बदलाव करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए निम्न उपाय कर सकते हैं :-
  • अपनी डाइट में सभी तरह की सब्जियां दाल अनाज व मेवे का सेवन जरूर करें।
  • अपनी डाइट में मौसमी फलों का सेवन जरूर करें।
  • अपने भोजन में विटामिंस, मिनरल्स जैसे पोषक तत्वों को सम्मिलित करें।
  • बाहर का खाना, जंक फूड, मिर्च मसालेदार व तेल युक्त खाने से परहेज करें।
  • अत्यधिक शारीरिक व्यायाम करने से बचें।
  • तनाव से दूर रहने की कोशिश करें जितना हो सके खुश रहें।
  • नियमित रूप से सुबह की ताजी हवा में योगा प्राणायाम जरूर करें।

उपरोक्त बताए गए उपाय वह सुझाव आपको सिर्फ एक समस्या से ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य संबंधित सैकड़ों समस्याओं से आपको बचा सकता है इन्हें अपने जीवन में जरूर उतारे।

 
 

मासिक धर्म में कम ब्लीडिंग होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं?

When to go to a Doctor in Lighter Bleeding in Periods ?

यदि पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग की कमी लगातार तीन महीने से ज्यादा आपको महसूस होती है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही थायराइड व अन्य किसी बीमारी की वजह से भी मासिक धर्म में रक्तस्राव की कमी हो सकती है, इसलिए ज्यादा लंबे समय तक ना देखें जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर करें।
 
 
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